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गुरुवार, 20 अक्तूबर 2016

हाथी प्रभावित मनला बखत म मिलय मुआवजा: श्रीमती राठिया

'जानबो समझबो, हाथी संग मितान बदबो' कार्यशाला

अंजोर.रायगढ़। प्रदेश म 2 से 8 अक्टूबर तक वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह मनाये जावथाबे अउ सबो जिला म वन विभाग कोति ले जनजागरूकता खातिर गजब कार्यक्रम तइयार करे गे हावय। इही पॉत म रायगढ़ जिला कोति ले जिंदल ऑडिटोरियम पतरापाली म वन विभाग डहर ले 'जानबो समझबो, हाथी संग मितान बदबोÓ विषय म कार्यशाला के आयोजन करे गे रिहिसे। कार्यशाला म संसदीय सचिव श्रीमती सुनीति सत्यानंद राठिया, विधायक रोशन लाल अग्रवाल अउ जिला के कलेक्टर संग वन विभाग के बड़का अधिकारी मन जुरियाए रिहिन हाबे। ये मउका म संसदीय सचिव श्रीमती राठिया ह किहिन के हाथी प्रभावित मनके मुआवजा के वितरण सही समय म होवय। अउ ग्रामवासी मनला कहिन के हाथी संग बने बेवहार करे जाये, बरजोरी झिन करय। हाथी मन फसल ल खाही तव ओमन ल खावन देवय, ओहू मन अपन पेट भरे खातिर चारा के तलाश म आये रिथे अऊ किसान मनके फसल के नकसानी ल तो सरकार ह मुआवजा के रूप म पूरा करते हावय। ये बात के विशेष धियान राखय के कोनो प्रकार के जन हानि झिन होवय। हाथी मनला गांव म आये ले लाइट, फटाका या फेर मशाल जलाके भगाये जा सकथे। ओकर मन संग मार-धार तो बिलकुल मत करय। आगू डीएफओ ह किहिन के मानव मन तो पशु-पक्षी ल अपन सभ्यता के अंग बनाये हावय। हाथी अउ मनुष्य ल साथे म चलना हवय अइसन सोच बनाये बर परही तभे काम बनही। ओमन बताइन के जीआईएस के मदद ले बिन्दु चिन्हांकित करके वाटर स्ट्रकचर बनाये जावथाबे ताकि हाथी मन गांव म झिन आवय। ये मउका म हाथी विशेषज्ञ ह बताइन के छत्तीसगढ़ के हाथी मन पलायन करत उड़ीसा, झारखण्ड, बिहार कोति जावत हावय। हाथी गजब बुद्धिमान प्राणी अउ ओकर याददाश्त बहुत तेज होथे। सरगुजा से बिहार उड़ीसा तक कारिडोर हवय जेमा हाथी मन अपन घर कोति लहुटथे। जानबा होवय के हिंसक वन्य प्राणी शेर, तेंंदुआ, भालू, लकड़बग्घा, भेंडिया, जंगली सुअर, गौर, जंगली हाथी, जंगली कुत्ता, मगरमच्छ, घड़ियाल, वनभैंसा, सियार अउ बेंदरा ले होय जन-हानि, जन-घायल के अलावा पशु हानि होय म शासन ह निर्धारित मुआवजा राशि देथे। जेमा जनहानि तत्कालिक सहायता 25 हजार रुपिया अउ अधिकतम 4 लाख रुपिया निर्धारित हवय। अइसने स्थायी रूप ले अपंग होवइया ल 2 लाख रुपिया अधिकतम, जन घायल होय म 59100 रुपिया अधिकतम अउ पशुहानि होय म 30 हजार रुपिया अधिकतम राशि तय करे गे हावय। अइसने जंगली हाथी, जंगली सुअर, नील गाय, बनैला गौर (इंडियन बायसन), वन भैंसा, सांभर अउ चीतल ले फसल, गृह, संपत्ति के नकसान होय म शासन कोति ले निर्धारित फसल हानि म 9 हजार रुपिया प्रति एकड़, मकान क्षतिग्रस्त होय म सामान्य क्षेत्र खातिर 95100 रुपिया अउ पहाड़ी क्षेत्र खातिर 1 लाख एक हजार 900 रुपिया निर्धारित करे गे हावय। 

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