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शुक्रवार, 1 नवंबर 2019

जोहार 19 बछर के सियान छत्तीसगढ़


संपादकीय 2 नवंबर 2019। अब छत्तीसगढ़ ल नवा प्रदेश कहे के दिन उरक गे काबर कि ऐला सिरजे 19 बछर बितगे अउ 20वां के छांव परत हे। हमर छत्तीसगढ़ म लइका मन 20 साल के होवत ले डउकी-लइका वाला हो जथे, घर के सियानी करथे, दाई ददा ल पोसथे-पालथे तब भला अइसन म कइसे छत्तीसगढ़ ल नवा अउ युवा प्रदेश कहावं। राज निर्माण के पहिली राज्योत्सव तको देखे रहेवं अब 20 वां राज्योत्सव ल तको देखत हवं। बहुत भारी अंतर हावय। सबले पहिली तो इही समझ नइ आवे उत्सव काकर, कोन मनावथे। जवाब भी सफा-सफा उत्सव सिरिफ नेती, मंत्री अउ अफसर मनके। ठीक हे छत्तीसगढ़ के ये परंपरा हावय कि काम बूता उरके के बाद लोगन मन मेला-मड़ई के जोखा मड़ाथे फेर अइसन बिभो तो नइ करय जोन इहां के सरकार पाछू 15 साल ले करत हे।  
आजकल छत्तीसगढ़ म कांग्रेस के सरकार हावय अउ मुख्यमंत्री हे ठोस छत्तीसगढ़िया भूपेश बघेल जी। सुरता होही जेन बखत अलग छत्तीसगढ़ राज बनिस अहू पइत इंकरे सरकार ह बागडोर संभालिस। अउ तीने साल काम करे के मउका मिलिस। तात्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय श्री अटल विहारी वाजपेयी जी के किरपा ले छत्तीसगढ़िया मनके सपना साकार होइसे तेन पाके अगला सरकार भारतीय जनता पार्टी के बनिस अउ मुख्यमंत्री के रूप डॉ. रमन सिंह शपथ लीन। डॉ. रमन सिंह छत्तीसगढ़ के निर्माण के ओड़र म लगातार 15 बच्छर तक राज करिस। अउ राज करे के अंधाधुंध म असल काम ल ओमन भांप नइ पाइस। जोन रिहिसे छत्तीसगढ़ी कला, साहित्य अउ संस्कृति के सरंक्षण अउ संवर्धन। छत्तीसगढ़ के आम जनता जागिस तब देखिस के हमर राज के कला, संस्कृति अउ साहित्य ह धीरे-धीरे विलुप्ती के कगार म पहुंच त हे। उहीच दिन बाना बांधिस के अब से सरकार ल बदले पर परही। जनता ह एक सुर म छत्तीसगढ़ महतारी के यशगान करत प्रदेश म भाजपा के सरकार ह हटाये खातिर चुनाव म कांग्रेस ल चुनिस। 
आज छत्तीसगढ़ म कांग्रेस के सरकार बने हावय तेन कांग्रेस के जीत नोहय बल्कि भाजपा के हार आए। भाजपा के अहंकार के अंत के सेती कांग्रेस ल सरकार बनाये के मउका मिलिस। ये बात ल प्रदेश के कांग्रेस सरकार तको जानथे। तभे तो हरेक काम उंकर छत्तीसगढ़िया मनके हित के खातिर होथे। भूपेश सरकार के सबो नीति गांव अउ ग्रामीण ले सुरू होथे। भूपेश सरकार ले छत्तीसगढ़ी कला, साहित्य अउ संस्कृति के जबर बुता खातिर लोगन के गजब आस रिहिसे। केछवा रेंगे सहिक धीरे-धीरे इहु कोति काम होवत रिहिसे तइसने ठउका राज्योत्सव आगे, माने करोड़ों रूपिया गवां के अपन महिमा मंडित करे के जलसा। 
चूक इहे ले सुरू होत हावय। काम कम अउ देखावा जादा भाजपा के नीति रहिसे। उहीं म कांग्रेस तको अभरगे। प्रदेश म जब ले भूपेश सरकार आये हावय इहां के प्रशासनिक अधिकारी मन छत्तीसगढ़ी समझे के प्रयास करत हावय। अउ कोन जनी ओ प्रयास कब पूरा होही ते मौली दाई ही जाने अउ ओ अफसर जाने। एसो बड़ा जोर-सोर ले छत्तीसगढ़ी रंग म राज्योत्सव के गोहार परत रिहिसे। फेर नेता मनके ही नंगाड़ा बजाये ले का होही असल काम तो अफसर मन ला करना हावय। राज्योत्यव म छत्तीसगढ़ी-छत्तीसगढ़ी के ढिंढोरा पीट के हिन्दी म सबो काम उरकाये जात हावय। उहू सरकार ह इहीच म चूक जावय। कथनी अउ करनी आन-आन करे ले काम नी बनाय। अपन नियत ल साफ राखे कर परही।
भूपेश बघेल जी ले मिलाके अधिकांश मंत्री छत्तीसगढ़ियाच हावय तभो ले छत्तीसगढ़ी रंग के हउवा भर उड़थे राहय कुछूच नहीं। आज 20वां स्थापना दिवस के मउका म सोशल मीडिया म खूब छत्तीसगढ़ी आखर तउरत रिहिसे। इहां तक की भारत के राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद जी तको छत्तीसगढ़ी म अपन बधाई संदेश ट्विट करे हावय। येकरे संगे हरियाण, पंजाब, मध्यप्रदेश, केरल अउ कर्नाटक के जनता ल उंकर महतारी भाखा म बधाई पठोय हावय। कतका खुशी होइसे राष्ट्रपति महोदय के छत्तीसगढ़ी भाखा के प्रति सम्मान ल देख के। का हमर प्रदेश के मुखिया ल छत्तीसगढ़ी म लिखे बर नइ आवे! आन दिन कइसे लिखथे? राज्योत्सव के मुख्यमंच ले तको छत्तीसगढ़ी के नाम म लोक कलाकार के सुर गुंजत रिहिसे। बाकि उद्बघोसना अउ उद्बोधन तो राजभासा म होबे नइ करिस। जबकि लोगन ल गजब उम्मीद रिहिसे...! हमर उम्मीद एक पइत फेर ओइसने टूटगे जइसे मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बखत टूटे रिहिसे। गलती काकरों राहय भगुतना तो उही ल हे जेन ल जनता चुनके भेजथे चुनाव म, अफसर मनके का बिगड़ना हावय। भूपेश बघेल जी ठेठ छत्तीसगढ़िया मुखिया आए तेन पाके लोगन ल आस थोकन जादा रिथे। ये सरकार के आए ले छत्तीसगढ़ी कला, साहित्य अउ संस्कृति के अंजोर देश दुनिया म बगरत हावय येमा दूमत नइये। देवरी तक तो सबो बने-बने रिहसे आगू घलोक सबे बने हो जही इही आस के संगे छत्तीसगढ़िया मनला अउ प्रदेश के नवा छत्तीसगढ़िया सरकार ल स्थापना दिवस के गाड़ा-गाड़ा बधाई।  - जयंत साहू

राज्य स्थापना दिवस विशेष:हमर मुखिया भूपेश दाऊ

किसान बेटा ही किसान के पीरा ल जानथे, बैपारी-साहूकार नहीं

नरवा, गरवा, घुरवा अउ बारी ले चाकर छाती 

संपादकीय 1 नवंबर 2019। छत्तीसगढ़ म नवा उछाह अउ उमंग दिखत हावय। चारो कोति छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति के सोर बगरत हावय। पाछू 15 साल ले वों सरकार के गुन ल लोगन मन अतका नइ गाइन जतका कुछेक दिन के कांग्रेस के सरकार के गावत हावय। येकर सबले बड़े कारन स्वांगे हमर मुखिया के बेवहार हवय। पाटन विधानसभा ले निर्वा​चित दबंग छत्तीसगढ़िया नेता माननीय भूपेश बघेल जेने दिन ले छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के सपथ ​लीन तेने दिन ले छत्तीसगढ़ के सुर बदले-बदले नजर आत रिहिसे। लोगन मनके मनसा रिहिस के ओमन छत्तीसगढ़ी म पद अउ गोपनियता के सपत लेही फेर आस पुरा नइ होइसे। राजभवन के अडघा लगाके प्रशासनिक अफसर मन राष्ट्रभासा हिन्दी म सपथ लेवाइस। उहू दरी मुखिया ह अपन मन ल सांत कर लीस काबर के संविधान ले ऊपर कोने नइये। फेर भूपेश दाऊ के मन ल छत्तीसगढ़ी अउ छत्तीसगढ़िया मन बर पीरा ह जबर रिहिसे। 
मुख्यमंत्री के कुर्सी सभंलिस अऊ अपन मुताबिक प्रशासनिक अफसर मन के नियुक्ति करके बागडोर ल अपन हाथ थामहिस। काबर के लोगन मनके गजब सिकायत रिहिस के अफसर मन बेलगाम होगे हावय, काकरों नइ सुने। अइसन मन भूपेश दाऊ करा चुनौती तो अबही घला हाबे फेर ओमन सबो चुनौती ले निपटने बर जानथे।सबले पहिली ओमन किसान मनके कर्जा माफी देके ओमन ल नि:संसो करिन। तेकर पाछू धान ल 2500 कोंटल म खरीद के उंकर आमदनी ल बड़ाइस। आगू घलोक सरकार ह धान ल 2500 रूपिया कोंटल म खरीदे के घोसना करे हावय। भूपेश दाऊ के दूनो फइसला ले मोर छत्तीसगढ़ के किसान मन सरकार के जय जय गइस। एक किसान के बेटा ही दूसर किसान के पीरा ल समाझथे। ऐसो जोन किसान के खेत म लहलहावत फसल दिखत हावय वो कर्जा ने उबरे अउ आगर रूपिया पाये के मोल के प्रतिफल आए। किसान ल सबो भगवान अउ अन्नदाता तो बेरा बखत म कही देथे फेर जेन ह पछीना के मोल चुहाथे उंकरे बढ़ई म छाती चाकर होथे।
अब तक के कार्यकाल ल लोगन संहरावत हावय। हालाकि चुनाव के आचार संहिता के सेती कुर्सी के जादा उपयोग नइ कर पाइस, जतका भीे करे हावय जबर बुता हे। अधिकारी, करमचारी मन कतका मगन हावय येहा असल मुद्दा नोहय काबर कि ओमन सरकार के काम करइया अउ जनता के तिमारदारी करे बर नौकरी करत हावय। उंकर का ओमन ल तो सिरिफ तनखा चाही, बेरा-बेरा मा पदोन्नती अउ बढ़ोत्तरी ताहन खुश। राजा के असल जिम्मेदारी हे राज के परजा। 
परजा कइसे खुश रही ये राजा ल सोचना हावय। अब के समे म खुदे राजा ल चिंतन करे बर परही, काबर की नानमुन बात बर सोज्झे राजा सो नी भेट करें सकय। अइसन मन भूपेश सरकार के गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ के तहत छत्तीसगढ़ के चार चिन्हारी, नरवा, गरवा, घुरवा अउ बारी मील के पथरा बनही। नरवा, गरवा, घुरवा अउ बारी योजना ले आम जनता जेमन दूर दराज के गांव म बसथे तिकर बर गजब कारगर साबित होही। राजा घलो पांच बछर बर नि:संसो अउ परजा घलोक। अब नरवा, गरवा, घुरवा अउ बारी ला संक्षेप म समझबो तव गांव के आत्मस्वालंबन के छोटकुन उदीम आए जोन कुछ दिन बाद जबर रूप लेही।
बैपारी वर्ग बर ये सरकार कुछ नइ सोचे अइसन बात घलोक नोहय अउ आन विभाग मन लो उंकरो मन के कामकाज चलत हावय। मोर मति अनुसार जेन बैपार करत हावय ओमन ल अपन नफा नकसान के खुदे अंदाजा रिथे। अउ फेर पइसा वाला पइसे ले ही तो पइसे बनथे तव फेर अइसन म पइसा वाला मन ल मदद के जरूरते कहा परिस। जरूरत तो गरीब जनता ल हावय भूपेश दाऊ जइसन सरकार के जेन उंकर आर्थिक दशा ल सुधार सकय। आत्म सम्मान देवा सकय। भूपेश बघेल के कार्यशैली ले हर छत्तीसगढ़िया के आत्म सम्मान बड़हे हावय येमा कोनो दूमत नइये। ओमन जिहां जाथे तिहां अपन बोली भाखा अउ संस्कृति के झंठा उचाए गरब ले लोकरंग म रंगा जथे। सुरता होही हरेली के गेड़ी अउ भौंरा। सउवत देवारी के तिहार ल देखव कइसे ढंग ले ओकर पाछू-पाछू पुरा छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति ल जिये के सुरू कर दीस। तुहंर इही बेवहार के सेती तो सरी छत्तीसगढ़ तुंहला कहिथे ''हमर मुखिया भूपेश दाऊ''।
- जयंत साहू, रायपुर
- 9826753304
- jayantsahu9@gmail.com